Month: May 2017

पिशाच दोष (Pishach Dosh)

पिशाच दोष

जीवन की एक जटिल बाधा पिशाच दोष के नाम से जानी जाती है, पिशाच का अर्थ होता है कि भूत-प्रेत, जादू टोना या अदृश्य नकारात्मक प्रभाव डालने वाली शक्तियां। ज्योतिष के हिसाब से यह शक्तियाँ तब प्रभाव डाल पाती हैं जब मन का कारक ग्रह चंद्रमा व बुद्धि का कारक, ग्रह बुध किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली में पीड़ित हो या पाप ग्रहों के प्रभाव से प्रभावित हो, ऐसी स्थिति में मन इन नकारात्मक शक्तियों को आसानी से आकर्षित कर लेता है और यह नकारात्मक शक्तियाँ मनुष्य को मानसिक तथा बुद्धि स्तर पर काफी पीड़ित करती हैं जिसके परिणाम स्वरूप शरीर के भी रोग ग्रस्त होने की संभावना बन जाती है और यह कभी-कभी इतनी प्रबल हो जाती है कि इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है, डाक्टर को यदि दिखाया जाये तो कुछ डाक्टर मानसिक रोग (Hysteria) नाम की बीमारी बताते हैं, अक्सर डाक्टरी इलाज से कोई लाभ नहीं हो पाता है यह नकारात्मक शक्तियाँ ब्रह्माण्ड में विचरण करती हुई अतृप्त आत्मायें होती हैं, जिनको भोग करने के लिए शरीर की आवश्यकता होती है। इसका समाधान समय रहते न किया जाये तो अतृप्त आत्माओं की संख्या बढ़ती जाती है जिससे मनुष्य दिन प्रतिदिन मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान होता रहता है। इसको तीव्र दैवीय शक्ति के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है, यह कार्य कोई दूसरा व्यक्ति ही पीड़ित व्यक्ति के लिए कर सकता है। यह अतृप्त आत्मायें पीड़ित व्यक्ति को देवी-देवता, मंदिर, पूजा-पाठ आदि से भी वंचित रखने की कोशिश करती हैं इस गंभीर पिशाच दोष को दूर करने के लिए यंत्र उपलब्ध है जिसकी न्योछावर राशि 6000/- है।