Category: Gemstone

  • Home
  • Category: Gemstone

पितृ दोष (Pitra Dosh)

पितृ दोष

मानव जीवन में पितृ दोष भी एक बहुत बड़ी समस्या है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कुण्डली का पंचम भाव राहु, केतु, सूर्य, शनि इनमें से किसी भी ग्रह द्वारा प्रभावित होता तब पितृ दोष की समस्या उत्पन्न होती है। पितृ दोष हमारे पूर्वजों की आत्मा अतृप्त होने के कारण उत्पन्न होता है शारदीय नवरात्रि शुरू होने के 15 दिन पूर्व जो दिवस होते हैं, उनमें हमारे पूर्वजों के प्रति श्राद्ध, तर्पण किया जाता है जिसमें भोजन ब्राह्मणों को खिलाया जाता है तथा पूर्वजों के निमित्त दान आदि भी दिया जाता है जिससे हमारे पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति मिलती है तथा श्राद्ध दिवसों में प्रति दिन पूर्वजों को जल, तिल, जौ, चावल, कुश आदि अर्पित करते हैं वस्त्र भी पूर्वजों के निमित्त अवश्य दान करना चाहिए। इस भावना के माध्यम से हमारे पूर्वज इन चीजों को स्वीकार करते हैं और उसके बदले में हमारे व परिवार के प्रति उनकी कृपा प्राप्त होने की संभावना बनती है। हमारे परिवार में अगर किसी की जब मृत्यु होती है तो उस आत्मा के प्रति भी श्रद्धा रखते हुए उसका क्रिया क्रम भी विधि-विधान के साथ करना चाहिए तथा उस आत्मा के निमित्त भी ब्राह्मण को वह सभी चीजें दान करनी चाहिए जो चीजें मृतक को खाने या पहनने या इस्तेमाल करने में अच्छी लगती थीं। इससे उस आत्मा को तृप्ति मिलती है और उसका सहयोग भी हमारे परिवार के लिए बनने की संभावना बनती है, यह पितृ दोष पिछली कई पीढ़ियों का भी हो सकता है, और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता रहता है। इसका निराकरण करना बहुत ही दुःसाध्य होता है। इसमें यह भी पता करना पड़ता है कि यह दोष किस पीढ़ी का है, पुरुष का है, या स्त्री का है। वह कैसे संतुष्ट होगा यह भी देखना पड़ता है। इसके निराकरण के लिए यंत्र का दक्षिणा शुल्क 11000/- है। इस यंत्र के माध्यम से पितृ दोष दूर होने की संभावना बनती है।

पिशाच दोष (Pishach Dosh)

पिशाच दोष

जीवन की एक जटिल बाधा पिशाच दोष के नाम से जानी जाती है, पिशाच का अर्थ होता है कि भूत-प्रेत, जादू टोना या अदृश्य नकारात्मक प्रभाव डालने वाली शक्तियां। ज्योतिष के हिसाब से यह शक्तियाँ तब प्रभाव डाल पाती हैं जब मन का कारक ग्रह चंद्रमा व बुद्धि का कारक, ग्रह बुध किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली में पीड़ित हो या पाप ग्रहों के प्रभाव से प्रभावित हो, ऐसी स्थिति में मन इन नकारात्मक शक्तियों को आसानी से आकर्षित कर लेता है और यह नकारात्मक शक्तियाँ मनुष्य को मानसिक तथा बुद्धि स्तर पर काफी पीड़ित करती हैं जिसके परिणाम स्वरूप शरीर के भी रोग ग्रस्त होने की संभावना बन जाती है और यह कभी-कभी इतनी प्रबल हो जाती है कि इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है, डाक्टर को यदि दिखाया जाये तो कुछ डाक्टर मानसिक रोग (Hysteria) नाम की बीमारी बताते हैं, अक्सर डाक्टरी इलाज से कोई लाभ नहीं हो पाता है यह नकारात्मक शक्तियाँ ब्रह्माण्ड में विचरण करती हुई अतृप्त आत्मायें होती हैं, जिनको भोग करने के लिए शरीर की आवश्यकता होती है। इसका समाधान समय रहते न किया जाये तो अतृप्त आत्माओं की संख्या बढ़ती जाती है जिससे मनुष्य दिन प्रतिदिन मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान होता रहता है। इसको तीव्र दैवीय शक्ति के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है, यह कार्य कोई दूसरा व्यक्ति ही पीड़ित व्यक्ति के लिए कर सकता है। यह अतृप्त आत्मायें पीड़ित व्यक्ति को देवी-देवता, मंदिर, पूजा-पाठ आदि से भी वंचित रखने की कोशिश करती हैं इस गंभीर पिशाच दोष को दूर करने के लिए यंत्र उपलब्ध है जिसकी न्योछावर राशि 6000/- है।