सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा (Positive and Negative Energy)

  • Home
  • Blog
  • सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा (Positive and Negative Energy)

सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा (Positive and Negative Energy)

सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा

प्रत्येक मानव जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त किसी न किसी बात को लेकर संघर्ष करता रहता है, उसका कारण पूर्वजन्मकृत कर्मों के कारण से यह जीवन मिलता है। जिस समय जातक का जन्म होता है, उस समय ब्रह्माण्ड में ग्रहों, नक्षत्रों, तारों की जो स्थिति होती है, उसका प्रभाव इस मानव जीवन पर प्रारम्भ से अन्त तक पड़ता है। जैसे-जैसे जीवन में ग्रहों की महादशा, अन्तर्दशा, प्रत्यन्तरदशा, सूक्ष्मदशा तथा ग्रहों, नक्षत्रों का राशियों में प्रभाव व परिवर्तन होता है, उसी के अनुसार हमारे जीवन में स्थिति परिवर्तित होती रहती है। यह वैज्ञानिक है। कोई भी ग्रह या राशि खराब नहीं होती है। हमारे शरीर में जो ग्रहों, नक्षत्रों की ऊर्जा है, उसका किसी समय विशेष पर बाहरी ब्रह्माण्ड से कैसा सामंजस्य है, अगर सामंजस्य अच्छा है तो उस समय हमें सुख की अनुभूति होगी, और हमारे काम भी बनते नजर आयेंगे। अगर हमारे शरीर में व्याप्त ग्रहों की ऊर्जा का बाहरी ब्रह्माण्ड से तारतम्य अच्छा नहीं है तो दुख, परेशानी, बाधा, पीड़ा, रोग आदि की संभावना बन सकती है। ग्रहों की ऊर्जा ही मनुष्य से भिन्न-भिन्न कार्य करवाती है। इसमें सकारात्मक ऊर्जा अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती है तथा नकारात्मक ऊर्जा गलत कार्य करने के लिए प्रेरित करती है, इस नकारात्मक ऊर्जा के कारण ही मनुष्य को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस नकारात्मक ऊर्जा की जाँच करके इसे यंत्र द्वारा शून्य किया जा सकता है तथा सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाया जा सकता है, जिससे मनुष्य के कार्य करने की क्षमता बढ़ती है और यदि बीमार है तो रोग से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है। यह यंत्र प्राप्त किया जा सकता है। यंत्र का दक्षिणा शुल्क 5500/- है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *